उदास चेहरे भी यूं मुस्कुरा जाए
इस कदर वो मुस्काती रही
दिलों में ना रहे फासले
इस तरह अपनों से प्यार जताती रही
नहीं भी थी जब महोब्बत जुबां पर
लफ़्ज़ों को होंठों के बीच दबाती रही
जिंदगी की राहें नहीं थी आसान
बिन परवाह कदम वो आगे बढा़ती रही
ठोकरें तो बहुत लगीं लेकिन
गिरना तो फितरत में है
गिर कर भी खुद वो संभलती रही
जब दुनिया दौड़ रही थी वक्त से भी आगे
वो वक्त के साथ कदम मिलाती रही
डरती थी कोई कमजोर ना समझ लें
हंसी की गूंज में गमों का शोर छुपाती रही
भावनाओं को किसी से जब साझा नहीं कर पाई
जिंदगी का सफरनामा कागज पर उतारती रही
इस कदर वो मुस्काती रही
दिलों में ना रहे फासले
इस तरह अपनों से प्यार जताती रही
नहीं भी थी जब महोब्बत जुबां पर
लफ़्ज़ों को होंठों के बीच दबाती रही
जिंदगी की राहें नहीं थी आसान
बिन परवाह कदम वो आगे बढा़ती रही
ठोकरें तो बहुत लगीं लेकिन
गिरना तो फितरत में है
गिर कर भी खुद वो संभलती रही
जब दुनिया दौड़ रही थी वक्त से भी आगे
वो वक्त के साथ कदम मिलाती रही
डरती थी कोई कमजोर ना समझ लें
हंसी की गूंज में गमों का शोर छुपाती रही
भावनाओं को किसी से जब साझा नहीं कर पाई
जिंदगी का सफरनामा कागज पर उतारती रही