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Tuesday, 26 November 2019

Check and mate

A Little pawn hits his stride
Away from home, full of vied
Came out of the shell to the world wide
Didn't see the diagonal enemies, invisibly spied
Withstood the attacks but somehow survived
Dig into the past where he had laughed and cried
made up his mind will go back and hide
 But couldn't step back as there was no move
 the hopeful faces saying "what about the behoove"
Turned aback and make the pledge
 came out of the cage and will fledge
will never stop, till got promoted at the opponent's edge.

Saturday, 28 September 2019

पहचान

तू वक्त नहीं, जरा रुक,धीरे चल
 खुद को वक्त तो दे, आज नहीं तो कल
यह दुनिया रुकती नहीं किसी के जाने से, जानता हूं
यहां कोई किसी का नहीं, मानता हूं
बस तू एक बार मुड़ के तो देख
 क्या पता मिल जाए किसी मसले का हल
फिर जिंदगी रहे या ना रहे, जाए किसे पता किस पल
मुरझाया क्यों है देख सूरज उग आया है, खिल
बस तू एक बार मुड़ के तो देख
क्या पता मिल जाए किसी मसले का हल
सुनसान रास्तों में झांक, कर पता क्या है सही क्या गलत
बोल दुख को गले लगाने की है क्या हिम्मत
हिम्मत है तो चल
अब क्यों रुका है मत ठहर
 यही है, हां यही है तेरे सपनों का महल

Thursday, 19 September 2019

Angel demon

Delved into an angel
Saw a scintillating star
Flanked with a demon
Huge perpetrator pestering the tiny star
Murk blooming all-over the body
Suppressing the dim light of the star
Could see a demon behind his filthy smile
 Had caged a little angel as well his star
Vibes wrapping him was like high voltage current
Burning both giving them a scar

Saturday, 14 September 2019

Dilemma

Screaming in a vacuum
Feels so relieved right now
No one will hear of it
Killing off the fret anyhow
Scraping the past with one hand
Burying with the another which mind allow
Deserted eyes, musing about nothing
Sense of the divine ipseity over the brow

Thursday, 4 July 2019

शिकायतें

नाराज़गी बिल्कुल जायज़ है तुम्हारी
लेकिन "तुम याद आते नहीं" ये भी तो जायज़ नहीं

इस मसरूफियत की जवाब तलबी कैसे दूं तुम्हें
कैसे तुम्हे मैं समझाऊं
के वक़्त सब तुम्हारा है बस हालात नहीं

साथ तो हर वक़्त हूं तुम्हारे
चाहे हकीक़त में या सपनों में
तरकीबें ढूंढती रहती हूं तुम्हें यकीन दिलवाने की
अभी कल ही एक हिचकी भेजी थी
पानी का घूंट पीकर जनाब ने चुप करवा दिया मेरी याद को
और कहते हो "तुम याद आते नहीं"

आगे से ऐसा नहीं होगा ये नहीं कहूंगी
तुम्हे सताऊंगी भी और मनाऊंगी भी
बस एक बात मन में गांठ बांध लो
ज़िन्दगी तुम्हारे ही नाम है अब

देर दुरुस्त तो मै तब भी आऊंगी
तुम फिक्र मत करना मगर
बस आज ये पानी का घूंट ना पीना
कुछ देर मेरी यादों से बतिया लेना

और हां दूर जाने की बात कभी मत करना
अब तो हमेशा साथ है रहना
ज़िन्दगी का आखिरी पड़ाव भी साथ तय करेंगे
एक बार फिर प्यार की दास्तां आबाद करेंगे।

Friday, 19 April 2019

रुह

ना जाने कैसा साथ है ये तुम्हारा
                               जमाने का सुकून दे जाते हो।।
अपलक निहारते हुए दो नैनों से
                                मुझमें प्यार का अथाह सागर भर देते हो।।
गालों को लाल करती मुस्कान से
                               सारी मेरी मुश्किलों का समाधान कर देते हो।।
हाथों की तुम्हारी वो पकड़
                       खोये उस आत्मविश्वास को वापिस मुझमें भर देते हो।।
होंठों की वो छुहन
                           मेरी रुह चूम लेते हो।।
बैचेन मुझे देखकर
                         बाहों में यूं भर लेते हो
                                        पत्थर इस दिल को मोम कर देते हो।।
तुम्हारी वो आवाज़ जो अंतर्मन को मेरे भेद जाती है
             लेके जुबां पर नाम मेरा
                                            मेरे दिल के तार छेड़ देते हो।।

Monday, 8 April 2019

पहली बारिश


दो बादल थे जो इस कदर टकराए
पहली सी बारिश दे मिट्टी जो महकाए।।

नन्हे से बच्चे बारिश का लुत्फ उठाते
पहली सी बारिश का जश्न मनाए।।

आज भीनी सी खुशबू से घर जो महका है
लगता है मां ने पकौड़े है बनाए।।

खिड़की खोल बारिश की बूंदों को
मैं भी हाथ पर महसूस कर रही
जैसे इन मोतियों को मुट्ठी भर समेट लिया जाए।।

दूर खेत की मुंडेर पर एक चेहरा आसमान को ताके है
शायद है वह एक हलवाहा
जैसे सुकून के आंसूओं संग बारिश की बूंदों को अपनी मिट्टी में है मिलाए।।

बूंदों को झट से सोखती यह मिट्टी
जैसे प्यासे को कोई पानी है पिलाए।।

खेतों की फसल जो मुरझाई रूठी थी सबसे
यह भी आज उछल-उछल कर एक दूसरे को है मनाए
नई सी कोंपलों को यह जन्म देती
शहर में हरियाली है लाए।।

Friday, 15 March 2019

वजूद

  हर जगह ढूंढ जब थक जाती हूं
लौट कर खुद में ही तुझको पाती हूं
चेहरे बहुत हैं नकाब ओढे़
मुझमें बस तेरा नकाब पाती हूं
लाख ताने चाहे दे ये दुनिया
तेरे जिक्र से ही मंद मंद मुस्काती हूं
निराश होकर जब हार जाती हूं
समझदारी और सूझबूझ से तुम्हारी
मुझमें मेरा वजूद पा जाती हूं
संसार के अंधकार में घिरी
बस तुझसे ही रोशनी मैं पाती हूं
ना जाने कैसे सारे झूठ पकड़ लेते हो
जब भी बनावटी मुस्कान जताती हूं
कितना सब्र है तुममें, मेरी तरह नहीं
जो याद में तुम्हारी कभी हंसती कभी रो जाती हूं।।

Thursday, 28 February 2019

हमराज

अक्सर भूल जाया करती हुं खुद को
                                           वो याद दिला दिया करता है
उतर जाता है चेहरा जब उदासी से
                                        एक मुस्कान भर दिया करता है।।
चाहे मेरा दुख हो या उसका सुख
                               वो सब आधा आधा बांट दिया करता है
वैसे तो बहुत कारण हैं दुखी रहने के
                             वो हर रोज खुशी की एक वजह बता दिया करता है।।
शब्दों के जंजाल से परे
                            वो मेरी खामोशियां सुन लिया करता है
सीप सा मेरी आंखों के आंसू को
                                मोती में बदल दिया करता है।।
बिना पर के इस पंछी में भी
                                 उडा़न भर दिया करता है
उलझन में घिरी  होती हूं जब
                                 चुटकी में सब सुलझा दिया करता है
कहीं जगह मिले ना मिले
                                   दिल में घर बना लिया करता है ।।


Monday, 25 February 2019

मुराद

जहन से मलालों का मुखोटा उतार
                                            कभी तो बेतकल्लुफ़ हो लेना
परिचित इन रास्तों को रुख़सत किये
                                              कोई नामालूम रास्ता अपना लेना ।।
तुम्हारी ही तरह विरले से राही मिलेंगे इस पथ पर
                         अपने अहम से परे किसी राहगीर की रहनुमाई कर देना।।
कहीं छत ना मिले तो अफसोस ना करना
                                     ज़मीं आसमां को तुम अपना पासवान बना लेना
भटक कहीं जाओ भी
                              इन हवाओं से दिशा पूछ लेना ।।
मुराद अपनी ना भूलकर
                                संजोई उस ताबीर को सच झुठला देना
बडी़ पहचानों भरी दुनिया में
                                        एक छोटी सी पहचान बना लेना ।।



कुछ ख़्वाब बाकी है

  टूटे हैं ख़्वाब अभी                          पंख अभी बाकी है।। मुस्कुराहटों से मेरी खुशी मत आंकना                       थोड़ा रुको कुछ घ...