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Tuesday, 29 September 2020

Word's weal


Your embittered words echoing in my head
 giving me a heartache
 Nightmares have stolen my sleep
so gripping my own hands to betake

You ruptured over my head
your well being  was the only my mistake
As the days passes by 
temper began to fray
Everything you saw now was opaque
Questioning my dignity 
If I am true or fake
Or if have made an effort for our love's sake

But anything clear is the weal of  words
which you gave or i take
You who never thought of me 
What I feel what I say
look you are asleep and  still i am awake

Tuesday, 22 September 2020

ईमान

 सब बदल देता है ये वक्त
चेहरे भी जज्बात भी

जमाने में खुशियां कम पड़ जाती है‌ लेकिन
नहीं पड़ती कम गमों की बरसात भी

करोड़ों की आबादी में सही इंसान कैसे ढूंढे 
यहां हजारों में है बिकता ईमान भी

गैरों से शिकवा क्यों करें 
जब गिराने वाले हो अपने ही

ये अहं भी इक दिन ढल जाएगा
साथ देने वाला भी साथ छोड़ जाएगा
ठीक वैसे जैसे दिन ढलने के बाद रोशनी
अमावस की रात चांद तारे
ढुंढते रह जाओगे 
पर अब नहीं मिलेगी तुम्हें अपनी ही परछाई भी





कारोबार

 ख्वाबों का सिलसिला खत्म हुआ तो

हकीकत जो मिली वो तुम हो

प्यार की परिभाषाएं तो बहुत है लेकिन

मेरे लिए वो परिभाषा तुम हो

अलग से चेहरों पर अंतर नहीं ढूंढ पाती आजकल

अब तो जैसे हर चेहरे में तुम हो

 खुश रहने के वैसे तो बहाने बहुत हैं

मेरे होठों की वो मुस्कान तुम हो 

छलक आते हैं जो आंसू अनकहे कभी भी

तुम्हारी ही याद में गालों पर लुढ़कता वो आंसू तुम हो 

बातें तो सुनते हैं सब बड़ी ध्यान से

आंखों से सब पढ़ते वो तुम हो

 मनमानियां तो वैसे बहुत चलती है मेरी 

अपने बातों को मनवाने वाले वो सिर्फ तुम हो

 मेहंदी पर अब भरोसा नहीं 

हथेली पर जो रंग उतरा है वो तुम हो

 मसरूफ रहती हूं इधर-उधर के कामों में मगर 

कुछ भी कहो आजकल मेरा कारोबार तुम हो 

मेरा एतबार तुम हो


Monday, 14 September 2020

नई मुलाकात

इक दफा फिर तुमसे मोहब्बत हो रही

जैसे फिर सूखी मिट्टी पर बारिश हो रही

वही एहसास, वही तड़पन, वही नशा महसूस कर रही

वक्त बदल गया पर हमारी मोहब्बत नहीं

कहते हैं दूरियां चूर कर देती है रिश्तों को

मैं दूरी में भी "हमारी" दुनिया बुनते देखा है

वैसे कहना तो आसान है मगर

हर इक पल जैसे सदियां बीत रही

अब जब भी मिलेंगे तो कैसे.......

       क्या जज़्बात होंगे

गले मिलें या हाथ मिलाएं...

पहली मुलाकात जैसे फिर से दस्तक दे रही

मैं फिर वही मुस्कान हंस रही 

बेसब्री से मैसेज का इंतजार कर रही 

अभी फिर से फोन में नोटिफिकेशन आया है

 झट से मैं तुम्हारा मैसेज टेब खोल रही 

बेशक, ये तुम हो

 शर्माना तो जायज है 

देखो फिर पीछे से पापा की डांट पड़ रही


Wednesday, 29 July 2020

मुश्किल

तुझसे बिछड़ना भी कितना मुश्किल है ना
जैसे स्टेशन से गाड़ी छूट रही है
दो शहरों की दूरी कम, दिलों की बढ़ा रही है

सुना है जिन्दगी की गाड़ी कुछ युं ही चलती है 
किसी के आने जाने से ये कंहा रूकती है
लेकिन ये तेजी का सफर भी मुश्किल है ना


वैसे  चेहरा उतरते मेंने अपना देखा नहीं
तुम्हारी नम आंखें देख इल्म हो गया
ये सब तुम्हारे लिए भी तो मुश्किल है ना

अब तुम ही बताओ हाथों से हाथ छुड़ाना मुश्किल है ना 
रूहों को एक दूसरे के पास छोड़कर खुद को संभालना मुश्किल है ना
यादों को बस्ते में भर के नए शहर आना मुश्किल है ना
जैसे कुछ अधुरी कविताओं को पूरा करना मुश्किल है ना

Sunday, 26 April 2020

Menage

My menage is so great
Full of happiness, love and care
4 members who lives happily in this sphere

The Head , well here are two
Whose function is to mandate
And yes of course do orate

Then there comes two coddle kids
Work is their to prate
Who heads over the Heads
Have filled enthusiasm in their fate
Providing little hands to chores
And then await to appreciate

Well, my menage is so great
That now you can sensate
I live in my palace of breeze
The only place here i can leviate
                                                  Ohh wait...... come on
                                                  Do I really hallucinate??

                                                                                     

Thursday, 12 March 2020

मन

रूठना मनाना आंसू बहाना
 तुम होते हो तो सब अच्छा लगता है
                                 
                                 ढूंढती रहती है ये वीरान सी आंखें तुझे
                                  तुम होते हो तभी तो यह काजल मुझ पर जचता है
मन भटका रहता है इन उलझनों में
तुम होते हो तो सब अच्छा लगता है
                          जो वक्त काटे नहीं कटता
                                    तुम होते हो तो पल भर में कटता है
जब सपने नहीं देखना चाहे ये मन
तेरी आंखों से सपने तकता है
                        कमजोर है दिल जब तुम पास नहीं
                        तुम होते हो तो सात समंदर पार करने की ताकत रखता है

कुछ ख़्वाब बाकी है

  टूटे हैं ख़्वाब अभी                          पंख अभी बाकी है।। मुस्कुराहटों से मेरी खुशी मत आंकना                       थोड़ा रुको कुछ घ...