Tuesday, 29 September 2020
Word's weal
Tuesday, 22 September 2020
ईमान
कारोबार
ख्वाबों का सिलसिला खत्म हुआ तो
हकीकत जो मिली वो तुम हो
मेरे लिए वो परिभाषा तुम हो
अलग से चेहरों पर अंतर नहीं ढूंढ पाती आजकल
अब तो जैसे हर चेहरे में तुम हो
खुश रहने के वैसे तो बहाने बहुत हैं
मेरे होठों की वो मुस्कान तुम हो
छलक आते हैं जो आंसू अनकहे कभी भी
तुम्हारी ही याद में गालों पर लुढ़कता वो आंसू तुम हो
बातें तो सुनते हैं सब बड़ी ध्यान से
आंखों से सब पढ़ते वो तुम हो
मनमानियां तो वैसे बहुत चलती है मेरी
अपने बातों को मनवाने वाले वो सिर्फ तुम हो
मेहंदी पर अब भरोसा नहीं
हथेली पर जो रंग उतरा है वो तुम हो
मसरूफ रहती हूं इधर-उधर के कामों में मगर
कुछ भी कहो आजकल मेरा कारोबार तुम हो
मेरा एतबार तुम हो
Monday, 14 September 2020
नई मुलाकात
इक दफा फिर तुमसे मोहब्बत हो रही
जैसे फिर सूखी मिट्टी पर बारिश हो रही
वही एहसास, वही तड़पन, वही नशा महसूस कर रही
वक्त बदल गया पर हमारी मोहब्बत नहीं
कहते हैं दूरियां चूर कर देती है रिश्तों को
मैं दूरी में भी "हमारी" दुनिया बुनते देखा है
वैसे कहना तो आसान है मगर
हर इक पल जैसे सदियां बीत रही
अब जब भी मिलेंगे तो कैसे.......
क्या जज़्बात होंगे
गले मिलें या हाथ मिलाएं...
पहली मुलाकात जैसे फिर से दस्तक दे रही
मैं फिर वही मुस्कान हंस रही
बेसब्री से मैसेज का इंतजार कर रही
अभी फिर से फोन में नोटिफिकेशन आया है
झट से मैं तुम्हारा मैसेज टेब खोल रही
बेशक, ये तुम हो
शर्माना तो जायज है
देखो फिर पीछे से पापा की डांट पड़ रही
Wednesday, 29 July 2020
मुश्किल
Sunday, 26 April 2020
Menage
Full of happiness, love and care
4 members who lives happily in this sphere
The Head , well here are two
Whose function is to mandate
And yes of course do orate
Then there comes two coddle kids
Work is their to prate
Who heads over the Heads
Have filled enthusiasm in their fate
Providing little hands to chores
And then await to appreciate
Well, my menage is so great
That now you can sensate
I live in my palace of breeze
The only place here i can leviate
Ohh wait...... come on
Do I really hallucinate??
Thursday, 12 March 2020
मन
तुम होते हो तो सब अच्छा लगता है
ढूंढती रहती है ये वीरान सी आंखें तुझे
तुम होते हो तभी तो यह काजल मुझ पर जचता है
मन भटका रहता है इन उलझनों में
तुम होते हो तो सब अच्छा लगता है
जो वक्त काटे नहीं कटता
तुम होते हो तो पल भर में कटता है
जब सपने नहीं देखना चाहे ये मन
तेरी आंखों से सपने तकता है
कमजोर है दिल जब तुम पास नहीं
तुम होते हो तो सात समंदर पार करने की ताकत रखता है
कुछ ख़्वाब बाकी है
टूटे हैं ख़्वाब अभी पंख अभी बाकी है।। मुस्कुराहटों से मेरी खुशी मत आंकना थोड़ा रुको कुछ घ...
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ख्वाबों का सिलसिला खत्म हुआ तो हकीकत जो मिली वो तुम हो प्यार की परिभाषाएं तो बहुत है लेकिन मेरे लिए वो परिभाषा तुम हो अलग से चेहर...
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सब बदल देता है ये वक्त चेहरे भी जज्बात भी जमाने में खुशियां कम पड़ जाती है लेकिन नहीं पड़ती कम गमों की बरसात भी करोड़ों की आबादी में सही इ...
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Thank you for watching. In this blog, you will be able to read new unreleased poems written by me.