खुद पर यकीन रख
दुनिया की परवाह ना कर
अभी बढा़ कदम
सही वक्त की तलाश ना कर
कितना सुन्दर है वो सपना जो देखा है तुमने
कभी खुल के खुद से बयां तो कर
निराश ना हो अपने कुकर्मो से अब
सुबह का भूला शाम घर लोटा है
अतीत में झांक अपना वक्त जाया ना कर
क्युं तुमसे कुछ नहीं होगा
क्युं अपनी किस्मत को कोसते हो
तुमसे ही तो होगा
जरा मुस्कुरा के खुद से आंखें मिलाया तो कर
खुद की क्षमताओ पर संकोच ना कर
सुना है जहां चाह है वहां राह भी है
राह पे तू कदम बढ़ाया तो कर
कठिनाइयों से ना तू डर
गीता में भी तो लिखा है
"तू कर्म किए जा फल की चिंता मत कर"
दुनिया की परवाह ना कर
अभी बढा़ कदम
सही वक्त की तलाश ना कर
कितना सुन्दर है वो सपना जो देखा है तुमने
कभी खुल के खुद से बयां तो कर
निराश ना हो अपने कुकर्मो से अब
सुबह का भूला शाम घर लोटा है
अतीत में झांक अपना वक्त जाया ना कर
क्युं तुमसे कुछ नहीं होगा
क्युं अपनी किस्मत को कोसते हो
तुमसे ही तो होगा
जरा मुस्कुरा के खुद से आंखें मिलाया तो कर
खुद की क्षमताओ पर संकोच ना कर
सुना है जहां चाह है वहां राह भी है
राह पे तू कदम बढ़ाया तो कर
कठिनाइयों से ना तू डर
गीता में भी तो लिखा है
"तू कर्म किए जा फल की चिंता मत कर"