आज वो भी अपना शहर छोड़ आई है
संग अपने बस आंसू ही लाई है
उसके लिए मुश्किल तो है मगर
ना जाने कितने चेहरों पर खुशी छाई है
आज इतने दिनों बाद बारिश जो आई है
संसार को ताजा करने आई है
मस्ती करती धूल मिट्टी को चुप कराने आई है
खुद के गमों को भुलाकर दुसरों को खुशियां बांटने आई है
समंदर में सीप का मोती बनने आई है
या धरती में उस नन्हे बीज को अंकुरित करने आई है
आज बस एक मुकाम बनाने आई है
आज वो भी अपना शहर छोड़ आई है
कितने दिनों बाद आज बारिश जो आई है
संग अपने बस आंसू ही लाई है
उसके लिए मुश्किल तो है मगर
ना जाने कितने चेहरों पर खुशी छाई है
आज इतने दिनों बाद बारिश जो आई है
संसार को ताजा करने आई है
मस्ती करती धूल मिट्टी को चुप कराने आई है
खुद के गमों को भुलाकर दुसरों को खुशियां बांटने आई है
समंदर में सीप का मोती बनने आई है
या धरती में उस नन्हे बीज को अंकुरित करने आई है
आज बस एक मुकाम बनाने आई है
आज वो भी अपना शहर छोड़ आई है
कितने दिनों बाद आज बारिश जो आई है
