वो है इक अनकहे से जहां की लड़की
दुनिया की बूरी चालों से नादान वो लड़की
दोस्त है मेरी वो पागल सी लड़की
अपनी अपनी सी लगती है वो लड़की
बरसों से साथ थे मगर
आंखों से धुंधली सी थी वो लड़की
अब जब से मिली है वो मुझे
जैसे दुआ हो दी मुझे रब की
ख्वाबों के शहर से आई वो लड़की
दोस्त है मेरी वो पागल सी लड़की।।
दुनिया की बूरी चालों से नादान वो लड़की
दोस्त है मेरी वो पागल सी लड़की
अपनी अपनी सी लगती है वो लड़की
बरसों से साथ थे मगर
आंखों से धुंधली सी थी वो लड़की
अब जब से मिली है वो मुझे
जैसे दुआ हो दी मुझे रब की
ख्वाबों के शहर से आई वो लड़की
दोस्त है मेरी वो पागल सी लड़की।।
Sahi ja reh o .....
ReplyDeleteThank you VP 😊
DeleteThank you so much anshuuuuu..... Thanks a lot..... 😆😄😇
ReplyDeletePleasure is all mine 😊😊😊
DeleteAre Wah Akanksha. Tu to chaa gae .....par h kon Bo ladki
ReplyDeleteWahhhhhh kya bat ha
ReplyDeleteThank you
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